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भारत- पाक संघर्ष में दिखी 'Make in India' की 'ताकत', रक्षा निर्यात में अहम

आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत मेक इन इंडिया एक बड़ा कदम है, जिसके तहत भारत ने रक्षा क्षेत्र में दूसरे देशों पर निर्भरता बड़े स्तर पर कम की है।

ISRO IADT-01 / X/@isro

भारत तेजी से रक्षा तकनीकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहा है। ऐसा दावा किया जा रहा है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई में प्रयोग किए गए मेक इन इंडिया हथियार इस बात की पुष्टि करते हैं। ऐसे में यह उम्मीद जगी है कि अब मेक इंडिया हथियारों की मांग दूसरे देशों में बढ़ेगी, जिससे भारत सिर्फ रक्षा तकनीकी का आयातक ही नहीं बल्कि एक बड़ा निर्यातक बनेगा। 

मई में भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक चली झड़प के दौरान आसमान जगमगा उठा जब मिसाइलों ने ड्रोनों को हवा से उड़ा दिया। इन मिसाइलों के सफल और सटीक प्रयोग ने वैश्विक स्तर पर एक नया दृष्टिकोण पेश किया किया है। 

भारत को अब उम्मीद है कि उसकी युद्धक क्षमताओं का प्रदर्शन, जिसमें घरेलू स्तर पर विकसित "अदृश्य ढाल" मिसाइल रक्षा प्रणाली भी शामिल है, अंतरराष्ट्रीय मांग को बढ़ावा देगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का एक बयान इस दिशा में अहम है। 

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